Starting with concepts that link the spiritual foundation of Hinduism to Jyotish
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चौड़ाई व् ऊंचाई के परस्पर अनुपात की अनदेखी की जाए तब वह भी शायद विषम आकृति सरीखा अशुभ व् अनिष्टप्रद हो जाएगा I कारण -यह भूखण्ड वांछित ऊर्जा या शक्ति तरंगे उत्पन्न नहीं कर पाएगा I
A thorough reading of the book will give various Ways of feeling reading and gathering information through the pulse
ताजिक नीलकंठी मूलतः यवन ज्योतिष पर आधारित रचना है जिसमे वर्ग कुंडली के आधार पर जन्म के पश्चात के वर्षो के शुभाशुभ फल की व् प्रश्न कुंडली द्वारा आगामी शुभाशुभ की सटीक भविष्यवाणी की जाती है i इसमें आचार्य नीलकंठ ने यवन पद्धति का वैदिक ज्योतिष सिद्धान्तों के साथ समन्वय करके जहाँ एक ओर वैदिक ज्योतिष को एक नया आयाम दिया है वही दूसरी ओर दो संस्कृत्यों के संगम का पुनीत कार्य भी किया है i जहाँ जन्म कुंडली के द्वारा जातक के समय जीवन की रूप रेखा प्रस्तुत की जाती है वही किसी भी वर्ष की वर्ष कुंडली द्वारा इस वर्ष की सिमित अवधि में आने वाले शुभाशुभ फल का विस्तार पूर्वक सूक्ष्म विवेचन किया गया है i
Ashthanga Hridyam [Hindi] Kalamsa & Cuspal Interlinks Theory [English] Starting with concepts that linkAshthanga Hridyam [Hindi] by Prof. Ravidutt Tripathi [] . , , . , , , , , ,